|
 |
|
 |
  |
| पर्यटन
सिंधुदुर्ग काही वैशिष्टये |
| |
यवा
सिंधुदुर्ग जिल्हो आपलोच असा
!!
|
| |
|
| |
| किल्ले
व दुर्ग |
सिंधुदुर्ग,
पद्मदुर्ग, विजयदुर्ग, रांगणा, निवती, भगवंतगड,
भरतगड, यशवंतगड, सोनगड, मनोहरगड, देवगड, गगनगड,
मनसंतोषगड, रामगड, नारायणगड, पारगड |
| देवालये |
कुणकेश्वर,विमलेश्वर(वाडा),रामेश्वर(आचरा),भराडी(मसुरा),दत्तमंदिर
(माणगांव),वेतोबा(आखली),गणेशमंदिर(रेडी),लक्ष्मीनारायण(वालावल),सातेरी(वेतोरा),रामेश्वर(आकेरी)भालचंद्र
मठ(कणकवली),राऊळ महाराज (पिंगुळी),भारती महाराज(तळवणा),साटम
महाराज(दाणोली) |
| महत्त्वाची
सागरवेळा |
मिठबांव,तारकर्ली,देवबाग,कोचरा,निवती,सागरेश्वर,शिरोडा,वेळागर,
मोचेमाड. |
| थंड
हवेचे व निसर्ग |
आंबोली,सावंतवाडी
परिसर,तळकट,फोंडा-उगवाई,शिवापूर,बावडाघाट,
भटकंती ठिकाण सोनवडेघाट |
| महत्तवाचे
तलाव |
सावंतवाडी,धामापूर,मुळदे,वालावल |
| महत्त्वाच्या
यात्रा स्थळे |
सोनुर्ली,आगणेवाडी,कुणकेश्वर |
| लोककला |
दशावतार,चित्रकथी,कळसुत्री,बाहुल्या,पांगुळ,चपई,भारुड,किर्तन |
| खरेदी
योग्य वस्तू |
लाकडी
खेळणी, काजूगर, कोकम(आमसोले व सरबत), मालवणी
खाजा,कडक बुंदी लाडू,आंबा पोळी, फणसपोळी,फळांचे
जाम |
खाद्य पदार्थ |
वडे
सागोती, आंबोळया,घावणे,तांदळाच्या शेवया,कुळथाचे
पिठले,उकडीचे मोदक,पातोळया,सोलकडी,माशाचे
तिखले |
| स्वतंत्र
बोली |
फक्त
जिल्हयापुरती
बोलली जाणारी फटकळ,स्पष्टोक्ती,रसाळ,प्रेमळ
मालवणी बोली
|
|
|
|
| |
|
| |
| तारकरली
बिच |
|
| |
| विजयदुर्ग - सिंधुदुर्ग
बिच |
|
| वेंगुर्ला
बिच |
|
|
| सिंधुदुर्ग किल्ला |
|
| रेड्डी गणपती मंदिर |
|
| कुणकेश्वर |
|
| भराडी देवी - चौक |
|
| |
|